दुधारू पशु खरीदने से पहले दूध की जांच कैसे करें: 3 समय की दुहाई और थन परीक्षण गाइड
दुधारू गाय या भैंस की खरीद में दूध जांच का महत्व
डेयरी व्यवसाय या घरेलू उपयोग के लिए दुधारू गाय या भैंस खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण पहलू पशु की वास्तविक दूध उत्पादन क्षमता का सटीक सत्यापन करना होता है। अक्सर मंडी या ग्रामीण सौदों में खरीदार विक्रेता के मौखिक दावों पर भरोसा कर लेते हैं और बाद में घर लाने पर पशु का दूध आधा रह जाता है।
इस नुकसान से बचने के लिए अनुभवी पशुपालक और वैज्ञानिक डेयरी विशेषज्ञ व्यवस्थित दुग्ध सत्यापन (Milking Verification Protocol) और थन-अयन (Udder-Teat) की बारीकी से जांच करने की सलाह देते हैं।
1. '3 समय की दुहाई' परीक्षण (Three-Milking Protocol)
पशु के वास्तविक दूध उत्पादन की पुष्टि का सबसे विश्वसनीय तरीका तीन लगातार समय की दुहाई करना है। इसका व्यवस्थित तरीका नीचे दिया गया है:
चरण 1: पहली दुहाई (थन खाली करना - Stripping)
अपनी उपस्थिति में विक्रेता या अपने स्वयं के ग्वाले से पशु की पूरी दुहाई करवाएं। इस समय का दूध मापना उद्देश्य नहीं होता, बल्कि यह सुनिश्चित करना होता है कि थन में पहले से रोका हुआ दूध पूरी तरह निकल चुका है और अयन बिल्कुल खाली हो गया है। दुहाई का सही समय (जैसे शाम 5 बजे) नोट करें।
चरण 2: दूसरी दुहाई (12 घंटे बाद - सुबह 5 बजे)
ठीक 12 घंटे बाद सुबह के समय पुनः पूरी दुहाई करवाएं। दूध को साफ मानक मापक बर्तन (Litres measuring can) या वजन कांटे पर तौलें। इस माप को डायरी में दर्ज करें।
चरण 3: तीसरी दुहाई (पुनः 12 घंटे बाद - शाम 5 बजे)
शाम को ठीक उसी समयांतराल पर तीसरी बार दुहाई करें और दूध की सही मात्रा मापें।
गणना विधि: दूसरी और तीसरी दुहाई के दूध का योग पशु का वास्तविक 24 घंटे का दैनिक दुग्ध उत्पादन दर्शाता है।
2. अयन (लेवटी/Udder) की बनावट और लचीलेपन की जांच
केवल दूध की मात्रा ही नहीं, बल्कि अयन का स्वास्थ्य भी लंबे समय तक दूध उत्पादन के लिए निर्णायक होता है:
- कटोरेनुमा आकार (Bowl Shaped Udder): अच्छा अयन चौड़ा, आगे और पीछे शरीर से मजबूती से जुड़ा हुआ तथा संतुलित होना चाहिए। झूलता हुआ (Pendulous) अयन चोट और संक्रमण के प्रति संवेदनशील होता है।
- दुहाई से पहले और बाद का अंतर: दुहाई से पहले अयन भरा हुआ और दुहाई के तुरंत बाद पूरी तरह ढीला, मुलायम व सिकुड़ा हुआ होना चाहिए। यदि दुहाई के बाद भी अयन कड़ा या फूला रहता है, तो यह सूजन या पुराने थनैला (Chronic Mastitis) का लक्षण हो सकता है।
- दूध की नसें (Milk Veins): पेट के निचले हिस्से पर मुड़ी-तुड़ी, उभरी हुई और स्पष्ट दूध नसें उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता का शुभ संकेत मानी जाती हैं।
3. थनों (Teats) की भौतिक जांच
चारों थनों की व्यक्तिगत रूप से हाथ लगाकर जांच करें:
- समानता: चारों थन एक समान दूरी पर, समान मोटाई और लंबाई के होने चाहिए।
- गांठ या कड़ापन: थन के आधार से लेकर नोक तक उंगलियों से टटोलकर देखें। कोई भी गांठ (Fibrosis/Nodules) या सख्त नस नहीं होनी चाहिए।
- धार का प्रवाह: चारों थनों से दूध की धार सीधी, मोटी और सुचारू रूप से निकलनी चाहिए। किसी थन से दूध बूंद-बूंद या अत्यधिक जोर लगाने पर नहीं निकलना चाहिए।
- अंधा थन (Blind Quarter): यह सुनिश्चित करें कि चारों थन पूरी तरह सक्रिय हों और किसी भी थन में रुकावट न हो।
4. दूध की गुणवत्ता और स्वास्थ्य परीक्षण (Milk Quality Checks)
दुहाई के दौरान दूध के भौतिक गुणों की जांच तुरंत की जा सकती है:
| परीक्षण | सामान्य स्थिति | असामान्य स्थिति (चेतावनी) |
|---|---|---|
| रंग (Colour) | सफेद या हल्का मलाईदार | पीला, लालिमा युक्त या भूरा (रक्त या मवाद) |
| बनावट (Texture) | एकसमान तरल दूध | छीछड़े, थक्के (Flakes/Clots), पानी जैसा पतला |
| गंध (Smell) | ताजी प्राकृतिक दूध गंध | खट्टी, दुर्गंधयुक्त या असामान्य तीखी गंध |
| स्ट्रिप कप टेस्ट | काली प्लेट पर कोई कण नहीं | काली सतह पर सफेद थक्के दिखाई देना (थनैला) |
5. पशु खरीद में बरती जाने वाली प्रमुख सावधानियां
मंडी या गांव में पशु खरीदते समय इन व्यावहारिक बातों का ध्यान रखें:
- पशु के स्वभाव की परख: दुहाई के समय देखें कि गाय या भैंस लात तो नहीं चलाती, रस्सी से पैर बांधने (छिकाली) पर शांत रहती है या नहीं और नए व्यक्ति के प्रति कैसा व्यवहार करती है।
- बछड़े/बछिया का मिलान: सुनिश्चित करें कि साथ में दिखाया गया बछड़ा उसी पशु का है और पशु बछड़े को प्रेमपूर्वक चाटता व दूध पिलाने देता है।
- ब्यात और उम्र की पुष्टि: दांत देखकर पशु की उम्र और ब्यात संख्या की पुष्टि अवश्य करें।
- लैक्टोमीटर से फैट व घनत्व जांच: यदि संभव हो तो छोटे पोर्टेबल लैक्टोमीटर से दूध के घनत्व (SNF) की जांच करें ताकि पानी मिलाने का संदेह न रहे।
महत्वपूर्ण सूचना
इस लेख की जानकारी केवल सामान्य शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर पशु चिकित्सा सलाह, कानूनी सलाह या वित्तीय सलाह नहीं है। पशु स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों के लिए हमेशा योग्य पशु चिकित्सक से परामर्श करें, कानूनी मामलों के लिए योग्य कानूनी पेशेवर से और निवेश निर्णयों के लिए वित्तीय सलाहकार से। पशुओं की कीमतें, बाजार की स्थितियाँ और प्रथाएँ क्षेत्र के अनुसार बदलती रहती हैं — महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले स्थानीय स्रोतों से पुष्टि करें। यह सामग्री किसी सरकारी निकाय के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती और किसी विशेष परिणाम की गारंटी नहीं देती। कोई त्रुटि मिली? हमें ईमेल करें: info@pashumandi.in।
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